रांची : फरवरी 2010 : झारखंड सरकार ने आम नागरिकों के विभिन्न सामान्य काम समय पर पूरा करने के लिए सिटिजन चार्टर बनाया है। समय पर काम नहीं हुआ तो अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी। शुक्रवार को झारखंड मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया परिवेश बनने की संभावना पैदा हुई है। हालांकि इसे लागू करना आसान नहीं होगा। फाइलों पर बरसों धूल चढ़ाने के शौकीन नौकरशाहों और बाबू लोगों को नये परिवेश के लिए तैयार करने के लिए राज्य सरकार को एड़ी-चोटी का पसीना एक करना पड़ सकता है।
ऐसे कार्यों में जाति प्रमाणपत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र, आय, आवासीय एवं स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र के अलावा दाखिल-खारिज जैसे कामों को शामिल किया गया है। जाति प्रमाणपत्र व दाखिल-खारिज के लिए 21 दिन का समय निर्धारित किया गया है। अगर आवेदन में कोई आपत्ति हो तो निष्पादन की अवधि अधिकतम 45 दिन होगी। जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए सात दिन का समय दिया गया है। आय प्रमाणपत्र, आवासीय एवं स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र 14 दिन में बनाने होंगे। देर के लिए दोषी अधिकारियों को दंडित करने का भी प्रावधान रखा गया है।
ऐसे अनगिनत काम हैं जिन्हें करने में सरकार को एक भी पैसा खर्च करने या कोई भी नया इंफ्रास्ट्रक्चर या नियम-कानून बनाने की जरूरत नहीं है। कार्यसंस्कृति के अभाव और घूसखोरी के चक्कर में काम लटके रहते हैं। इससे जनता निराश होती है और सरकार की बदनामी होती है। जबकि ये काम बेहद आसानी से तय समयसीमा के अंदर पूरे हो सकते हैं। इसके लिए सिटिजन चार्टर बनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार लगभग दो दर्जन ऐसे कार्यों को चिन्हित किया गया है जिन्हें निश्चित अवधि के भीतर कराया जा सकता है। ऐसे सारे कार्य राज्य सरकार और जिला पुलिस-प्रशासन के दायरे में आते हैं। इनमें विकलांग प्रमाणपत्र, जमीन की रसीद व म्युटेशन, होल्डिंग टैक्स रसीद, मकान का नक्शा, बिजली बिल सुधारना, ड्राइविंग लाइसेंस बनाना, वोटर आइडी बनाना, वोटर लिस्ट में सुधार करना, बिजली व पानी का नया कनेक्शन देना, पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन करना, एफआइआर या सनहा दर्ज करना, टीन नंबर, सोसाइटी रजिस्ट्रेशन, फर्म रजिस्ट्रेशन, मकान एवं जमीन की रजिस्ट्री, वाहन पंजीकरण, शोप एंड इस्टेब्लिसमेंट रजिस्ट्रेशन जैसे काम शामिल हैं। प्रथम चरण में तयशुदा कार्य समय पर करने के अनुभव के बाद सरकार अन्य कार्यों को भी सिटिजन चार्टर में शामिल कर सकती है।

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